हिंदी व्याकरण मुहावरों के प्रकार भेद तथा उदाहरण hindi ke muhavare muhavaron ke prakar bhed udaharan 1
मुहावरे : भेद-प्रभेद मुहावरों को निम्नलिखित आधारों पर वर्गीकृत किया जा सकता है- (1) सादृश्य पर आधारित (2) शारीरिक अंगों पर आधारित (3) असंभव स्थितियों पर आधारित (4) कथाओं पर आधारित (5) प्रतीकों पर आधारित (6) घटनाओं पर आधारित (1) सादृश्य पर आधारित मुहावरे- बहुत से मुहावरे सादृश्य या समानता पर आधारित होते हैं। जैसे- चूड़ियाँ पहनना, दाल न गलना, सोने पर सुहागा, कुंदन-सा चमकना, पापड़ बेलना आदि। (2) शारीरिक अंगों पर आधारित मुहावरे- हिंदी भाषा के अंतर्गत इस वर्ग में बहुत मुहावरे मिलते हैं। जैसे- अंग-अंग ढीला होना, आँखें चुराना, अँगूठा दिखाना, आँखों से गिरना, सिर हिलाना, उँगली उठाना, कमर टूटना, कलेजा मुँह को आना, गरदन पर सवार होना, छाती पर साँप लोटना, तलवे चाटना, दाँत खट्टे करना, नाक रगड़ना, पीठ दिखाना, बगलें झाँकन, मुँह काला करना आदि। (3) असंभव स्थितियों पर आधारित मुहावरे- इस तरह के मुहावरों में वाच्यार्थ के स्तर पर इस तरह की स्थितियाँ दिखाई देती हैं जो असंभव प्रतीत होती हैं। जैसे- पानी में आग लगाना, पत्थर का कलेजा होना, जमीन आसमान एक करना, सिर पर पाँव रखकर भागना, हथेली पर सरसों...